भारत का राष्ट्रीय प्रेरणा एवं नेतृत्व निर्माण केंद्र — जहाँ सीमांत चेतना, सैन्य अनुशासन, सांस्कृतिक गौरव और चरित्र निर्माण एक समग्र राष्ट्रीय दृष्टि में एकत्र होते हैं।
भारत माता प्रेरणा स्थली एवं …… सेंटर ऑफ़ एक एक्सीलेंस एक राष्ट्रीय पहल है जिसका लक्ष्य ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण विकसित हों और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें।
The Bharat Mata Prerna Sthali & ……. Centre of Excellence is a national institution dedicated to developing ethically grounded, strategically aware and socially responsible leadership rooted in India’s civilizational and military ethos.
भारत माता प्रेरणा स्थली एवं श्री……….. सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस एक असाधारण संकल्प है, जिसका उद्दिष्ट है – ऐसे युवा नायकों का निर्माण करना, जो राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पित हों, जिनके चरित्र में पवित्रता, विचारों में ऊँचाई, मनोबल में शक्ति और व्यक्तित्व में बहुआयामिता हो। ये भावी राष्ट्र नायक, राष्ट्रीयता की लौ, सीमा-जागरूकता की सूक्ष्म दृष्टि और सामाजिक संस्कारों की गाढ़ी नींव पर विकसित होंगे।
इस महाप्रयास को प्रेरणा प्रदान की है सुश्री पार्वती जांगिड़ सुथार के प्रेरक कार्यों ने, जिनकी अगुवाई में युवा संसद,भारत | सुरक्षित सीमा-समर्थ भारत | भारत रक्षा पर्व जैसी राष्ट्र-जागरण यात्राएँ न सिर्फ युवाओं को देशसेवा का मंत्र देती हैं, बल्कि जन-सरोकार और राष्ट्र निर्माण की चेतना भी गहन होती जाती है। उनका नेतृत्व इस प्रकल्प को देश के सबसे संवेदनशील और गौरवशाली सीमांत क्षेत्रों में नवचेतना, ऊर्जा और आदर्शों का मशाल बनने की दिशा में अग्रसर करता है। श्री ……….. के उदार स्नेह और समर्पित सहयोग ने इस मिशन के बीज को सजीवता प्रदान की है, जिससे इस अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना को एक मजबूत आधार मिला है।
इस परियोजना का प्रथम चरण भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर होगा (जम्मू एवं कश्मीर तथा राजस्थान) – वह भूमि जहाँ राष्ट्र की आत्मा साक्षात, सतर्क और अद्वितीय रूप में विद्यमान रहती है, और जिसके गाँव, सैनिक और प्राकृत परिवेश हर पल भारत के भव्य भविष्य की अलख जगाते हैं। इसके सफल संचालन के बाद इसका विस्तार भारत-चीन, भारत-नेपाल, भारत-भूटान, भारत-बांग्लादेश और भारत-म्यांमार की सीमाओं से जुड़े प्रत्येक सीमान्त राज्य तथा प्रत्येक तटीय प्रदेश तक किया जाएगा, ताकि हर सीमांत क्षेत्र राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व और समाज-सशक्तिकरण की लहर से अनुप्राणित हो।
सीमा से जुड़े हर गाँव, हर प्रवासी, हर सैनिक और वहाँ की प्रकृति – इन सभी की आवाज़ बनना इस परियोजना का मर्म है। सीमांत जीवन का साहस, उसकी माधुर्य, उसकी हरियाली और साथ-साथ उसकी वेदना, उपेक्षा व चुनौती – यह सब पूरे देश तक पहुँचाना, अवैध गतिविधियों व घुसपैठ की समस्याओं के प्रति समाज को सतर्क बनाना, यही इस प्रकल्प का परम उद्देश्य है। इसी सेवा भाव के साथ सिस्टर ऑफ सोल्जर्स सुश्री पार्वती बीते सोलह वर्षों से भारत के सीमांत जीवन और उसकी असलियत को राष्ट्रीय चेतना में प्रतिष्ठित करती आ रही हैं।
उनका जीवन नारी शक्ति, बालिका शिक्षा, सामाजिक उत्थान और "सुरक्षित सीमा - समर्थ भारत" के लिए सतत संघर्ष का प्रतीक बन गया है। बाल विवाह जैसी कुरीति से स्वयं संघर्ष कर, सैकड़ों बालिकाओं को स्वतंत्रता और शिक्षा का अधिकार दिलाना, सीमांत जागरण और राष्ट्र जागरण की अखण्ड यात्रा का मार्ग प्रशस्त करना – यही उनकी प्रेरणादायी गाथा है।
यह परियोजना सीमांत भारत के साहस, संवेदना और उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष बनकर, नये भारत के स्वर्णिम उत्थान में एक अद्वितीय भूमिका निभाएगी। भविष्य में यह परियोजना एक दिव्य, भव्य राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में परिलक्षित होगी।
"आइए, हम सब मिलकर इस महायात्रा का हिस्सा बनें और भारत माता के परम वैभव के सपने को साकार रूप दें, जहाँ हमारा युवा नेतृत्व देश को एक सशक्त, समृद्ध और स्वाभिमानी राष्ट्र बनाए। यही वह समय है जब हम अपने कर्तव्यों के बोध के साथ-साथ शत्रु बोध करें और अपने देश की सीमाओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए एकजुट हों।"
भारत अपना हो महान, यह हर व्यक्ति का सपना हो।
औरों को मत देखो, सोचो योगदान क्या अपना हो।।
Postgraduate programs, governance studies, leadership training, field immersion and institutional simulations.
Border engagement programs, soldier–civilian dialogue, national security awareness and youth motivation.
Yoga, meditation, character building, cultural consciousness and National media centre.
Border studies, security research, policy development and strategic awareness.
Indigenous cattle conservation, Panchagavya research, organic farming and rural sustainability.
A cultural-national monument symbolizing unity, sacrifice and reverence for the Motherland.
“भारत की शक्ति उसके चरित्रवान नागरिकों और सजग नेतृत्व में निहित है।”
“The strength of Bharat lies in character-driven leadership and
nationally conscious citizens.”